Saturday, February 29, 2020

नई राहें: ज्ञान, नजरिया और अच्छी शुरुआत

                                                 - मिलन  सिन्हा,  मोटिवेशनल स्पीकर, वेलनेस  कंसलटेंट ...
सफल होना सबकी चाहत होती है. लोग इसके लिए अपने-अपने हिसाब से प्रयास भी करते हैं. सामान्यतः उन्हें इसके अनुरूप फल भी मिलता है. लेकिन अपनी आशा और अपेक्षा के अनुरूप अगर हमें कामयाबी को अपना साथी बनाए रखना है तो कुछ बातों को अपनी आदत का हिस्सा बनाना जरुरी है.

गीता में कहा गया है कि ज्ञान के समान इस संसार में और कुछ भी पवित्र नहीं है. प्रसिद्ध ब्रिटिश दार्शनिक फ्रांसिस बेकन ने भी साफ़ कहा है, "नॉलेज इज पॉवर" यानी ज्ञान ही शक्ति है. सच है कि ज्ञान की शक्ति से मनुष्य अन्धकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होता है. ज्ञान से हमारा बौद्धिक विकास होता है,  हममें तर्क व विश्लेषण की शक्ति विकसित होती है. इससे हम रूढ़िवादिता और अन्धविश्वास से मुक्त हो पाते हैं. सही-गलत की समझ पैदा होती है. ज्ञान से बड़ा कोई धन नहीं. सो, हमेशा ज्ञान यात्रा के पथिक बने रहने का प्रयास करें. इसके साथ-साथ यह भी कोशिश करते रहें  कि ज्ञान का यथोचित उपयोग हमारे हर एक्शन में हो. तभी हम कठिन-से-कठिन काम संपन्न कर सकते हैं. यही तो कारण है कि वर्क प्लेस में हर एम्प्लायर को नॉलेज वर्कर की तलाश रहती है, क्योंकि वे जानते हैं कि ऐसे कर्मी को थोड़ी ट्रेनिंग एवं मोटिवेशन मिले तो वह अपने काम को अच्छी तरह समझ कर अपेक्षित समय में अच्छे तरीके से पूरा करता है. इसलिए इस बात का हमेशा रखें हम पूरा ध्यान, ज्ञान से मिले सफलता तथा  मान-सम्मान. 

विख्यात अमेरिकी लेखक और  मोटिवेशनल स्पीकर जिग जिगलर का कहना है कि "योर एटीचुड एंड नॉट एप्टीचुड विल डीसाइड योर एलटीचुड" अर्थात आपका नजरिया, ना कि आपकी अभिरुचि या योग्यता, आपकी उंचाई का निर्धारण करेगी. इस कथन पर विचार करें तो पायेंगे कि हमारे आसपास कितने ही मेधावी और मेहनती लोग केवल सही या सकारात्मक नजरिए के अभाव में कैरियर, नौकरी या व्यवसाय में उस लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाते हैं जिसे उन्हें सामान्यतः हासिल करना चाहिए था. रिलेशनशिप मैनेजमेंट की बात हो  या पोटेंशियल मैनेजमेंट की, हर जगह हमारा नजरिया एक अहम भूमिका अदा करता है. इसी बात  को क्वीन ऑफ़ आल मीडिया के नाम से प्रसिद्ध ओपरा विनफ्रे इन शब्दों में बयां करती हैं, "अब तक की सबसे बड़ी खोज यह है कि व्यक्ति महज अपना नजरिया बदल कर अपना भविष्य बदल सकता है." विनफ्रे सहित देश-विदेश  में हजारों ऐसी रियल लाइफ हीरो हैं जिनका जीवन  इस बात की गवाही देता है कि कैसे  वे लोग  अपने नजरिए को उन्नत बनाए रखकर जीवन में सफलता और समृद्धि के हकदार बनें. मेरा तो स्पष्ट मत है कि सही नजरिया हमारे जीवन को संवारे, नित हमारे व्यक्तित्व को निखारे.

आमतौर पर देश-विदेश में कॉलेज-यूनिवर्सिटी में पढ़नेवाले युवा हों या पेशेवर या नौकरीपेशा व्यक्ति, सभी डे-मैनेजमेंट यानी दिन में क्या-क्या करना है और कैसे करना है, को बहुत महत्व देते हैं और देना भी चाहिए. लेकिन उनमें से कुछ ही लोग मार्निंग मैनेजमेंट को भी उतना या कुछ ज्यादा महत्व देते हैं, क्यों कि वे जानते हैं कि सुबह की अच्छी शुरुआत से दिनभर के काम के लिए अपेक्षित उर्जा, उत्साह और उमंग से आदमी भर जाता है. वाकई, समय का वह हिस्सा जो बहुत रेफ्रेशिंग होने के साथ-साथ सामान्यतः हमारे नियंत्रण में होता है वह है सुबह का समय. ज्यों ही हम घर से कार्यस्थल के लिए चल पड़ते हैं, कमोबेश हम बाहरी फैक्टर्स के अधीन आ जाते हैं. इसलिए  सबको सुबह का कम-से-कम एक से दो घंटा समय खुद पर निवेश करना चाहिए. इस दौरान शॉ (एसएडब्लू)  फैक्टर (सनशाइन, एयर यानी ऑक्सीजन, वाटर) जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अहम हैं, उन पर फोकस करना हमारे लिए आसान होता है. यह तीनों चीजें हमें मुफ्त में उपलब्ध  हैं. ऐसे तो सूर्योदय के आसपास सो कर उठ जाना शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य के लिए उत्तम माना गया है, लेकिन कतिपय कारणों से कई लोगों के लिए ऐसा संभव नहीं होता. इसलिए जब भी उठें तब एक-दो घंटे का निवेश खुद पर करें. इस अवधि  में पहले ठीक से कम-से-कम आधा लीटर पानी पीने के अलावे अपने वाशरूम के नित्यकर्म को निबटाकर शरीर को ऑक्सीजन युक्त करने और धूप का सेवन करने का प्रयास करें. नियमित रूप से सूर्योदय के बाद आधे घंटे तेज गति से  टहलने, प्राणायाम आदि करने से बहुत फायदा होगा. जोर देने की जरुरत नहीं कि मॉर्निंग मैनेजमेंट का अहम हिस्सा है सुबह का पौष्टिक नाश्ता. हमेशा आराम से ब्रेकफास्ट करें, लाइफ कितना भी फ़ास्ट क्यों न हो. नाश्ता करने के बाद तुरत घर से निकलने की जल्दबाजी न करें. 10-15 मिनट आराम से बैठ कर दिन में किए जानेवाले महत्वपूर्ण कार्यों की सूची (प्राथमिकता के आधार पर) बना लें. इससे कार्यस्थल पर पहुंचकर उस एजेंडा के मुताबिक़ तुरत काम शुरू करना आसान होगा. इससे आपकी कार्यक्षमता  और उत्पादकता में गुणात्मक सुधार होगा.  
(hellomilansinha@gmail.com)

                 
                और भी बातें करेंगे, चलते-चलते । असीम शुभकामनाएं 
# दैनिक जागरण के सभी संस्करणों में प्रकाशित
#For Motivational Articles in English, pl. visit my site : www.milanksinha.com 

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