* मिलन सिन्हा
पहुँच वाले
ए जी, ओ जी
हो जाओ शुरू जी से
टू जी तक पहुँच गए।
बेईमानी का यह खेल
खेलते - खेलते
कामन वेल्थ में सेंध लगा गए।
कहते हैं,
पहुँच वाले
अपनी पहुँच से
कहीं भी पहुँच जाते हैं,
काले सफ़ेद के चक्कर में
अन्त में, कालिख पुतवा कर
जेल की हवा खाते हैं !
और भी बातें करेंगे, चलते-चलते। असीम शुभकामनाएं।
पहुँच वाले
ए जी, ओ जी
हो जाओ शुरू जी से
टू जी तक पहुँच गए।
बेईमानी का यह खेल
खेलते - खेलते
कामन वेल्थ में सेंध लगा गए।
कहते हैं,
पहुँच वाले
अपनी पहुँच से
कहीं भी पहुँच जाते हैं,
काले सफ़ेद के चक्कर में
अन्त में, कालिख पुतवा कर
जेल की हवा खाते हैं !
और भी बातें करेंगे, चलते-चलते। असीम शुभकामनाएं।
Kavita ke dyara sachaee ko samne lane ka tareeka achha laga.SG
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