Sunday, June 8, 2014

गुड लाइफ : पर्यावरण को दें महत्व

                                                                                - मिलन सिन्हा
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मुख्यतः आर्थिक- सामजिक कारणों से देश में शहरीकरण की प्रक्रिया अप्रत्याशित रूप से तीव्र हो गयी है जिसके परिणामस्वरूप परिवार दर परिवार गाँव के प्राकृतिक परिवेश से विस्थापित होकर शहर के भीड़ -भाड़ भरे कृत्रिम परिवेश में शामिल होते जा रहें हैं । एक तो बड़ी आबादी के गाँव से शहर की ओर आने से शहरों पर दवाब बहुत बढ़ गया है । दूसरे मौजूदा शहरों के विस्तारीकरण के लिए अनिवार्य एक समग्र नीति व कार्ययोजना के अभाव में शहर नरक में तब्दील होते जा रहे हैं ।अप्रत्याशित गर्मी पड़ रही है, मानसून के आने में भी देर हो रही है । सो, गर्मी के इस मौसम में बिजली -पानी से लेकर शुद्ध हवा तक की किल्लत हो जाती है । सड़कों पर गंदे पानी व कचड़े का साम्राज्य है । पेड़-पौधे तो नाम मात्र के रह गए हैं । न तो पर्याप्त ऑक्सीजन है और न ही ठंडी छाँव । कहना न होगा, इन सबका दुष्प्रभाव हमारे जीवन व पर्यावरण पर साफ़ देखा जा सकता है । 

अभी -अभी हम सबने विश्व पर्यावरण दिवस मनाया । पर्यावरण संरक्षण के प्रति  जागरुकता बढ़ाने का इससे बेहतर अवसर और कौन हो सकता है । फलतः सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं की तरफ से कार्यकर्मों का आयोजन स्वाभाविक है । पूरे देश में हजारों स्थानों पर  स्कूली बच्चों तक के बीच पर्यावरण जागरुकता से जुड़ी प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ  जिसमें पर्यावरण संरक्षण को प्रभावी बनाने में जल, जंगल एवं जमीन की महत्ता पर जोर दिया गया । हमारे देश- प्रदेश की बात करें तो ऊपर वर्णित परेशानियों से निबटने के लिए मोटे तौर पर हम सबको मिलकर अधिकाधिक वृक्षारोपण, बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था, जल संग्रहण व संचयन, ऊर्जा संरक्षण, साफ़-सफाई जैसे बुनियादी बातों को अमल में लाना होगा । 
                                                                
               और भी बातें करेंगे, चलते-चलते । असीम शुभकामनाएं

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