Monday, September 14, 2020

योगाभ्यास के लाभ अनेक

                    - मिलन  सिन्हा,  मोटिवेशनल स्पीकर, स्ट्रेस मैनेजमेंट कंसलटेंट ... ...

विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में अपने मोटिवेशनल सेशन के दौरान विद्यार्थियों से मिलने और उनसे विचार-विमर्श का सुअवसर मिलता रहा है. ऑनलाइन काउंसलिंग में भी उनसे जुड़ने और उनके विचारों से अवगत होने का लाभ मिलता है. इन अवसरों पर मेरी यह छोटी-सी जिज्ञासा रहती है कि छात्र-छात्राओं के दिनचर्या में योग शामिल है या नहीं अर्थात वे नियमित रूप से योगाभ्यास करते हैं या नहीं. कारण जो भी हो, तथ्य यह है कि योगाभ्यास अब भी बहुत सारे विद्यार्थियों के रूटीन का हिस्सा नहीं है, जब कि सदियों से योग हमारी गौरवशाली परंपरा और संस्कृति का महत्वपूर्ण अंग रहा है. और-तो-और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के सत्प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र संघ (यू.एन.ओ) के तत्वावधान में 21 जून 2015 से प्रतिवर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन पूरे विश्व में होता रहा है. कोविड-19 महामारी के मद्देनजर इस वर्ष हरेक देश में इसका आयोजन सार्वजनिक रूप से तो नहीं हो पा रहा है, लेकिन यह तय है कि योग की महत्ता से परिचित सभी लोग उस दिन पूरी सावधानी के साथ इसे जीवन के एक अहम उत्सव के रूप में जरुर मनाएंगे.


कहने की जरुरत नहीं कि
विद्यार्थियों के लिए योगाभ्यास के अनगिनत लाभ हैं, चाहे वह  एकाग्रता, मेमोरी पॉवर, माइंड मैनेजमेंट, स्ट्रेस मैनेजमेंट  या शारीरिक-मानसिक-आध्यात्मिक स्वास्थ्य से जुड़ी कोई बात हो. छात्र जीवन में योग से जुड़ने और इसके नियमित अभ्यास से छात्र-छात्राएं आज और आनेवाले अनेक वर्षों तक स्वस्थ, सानंद और सफल बने रह सकते हैं.  वैश्विक महामारी के सन्दर्भ में जब सभी स्वास्थ्य विशेषज्ञ इम्युनिटी को स्ट्रांग बनाए रखने की अनिवार्यता पर जोर दे रहे हैं, तब तो योगाभ्यास की अहमियत और भी बढ़ जाती है. सवाल है कि 24 घंटे के समयावधि में छात्र-छात्राएं योगाभ्यास में कितना समय दें और कौन-कौन से योग क्रियाएं करें, जिससे  कि  उन्हें मुख्यतः अध्ययन और हेल्थ के मामले में यथोचित लाभ मिल सके. इन बातों पर चर्चा करने से पहले कुछ चीजों को जान लेना अच्छा होगा. 


योग कोई धार्मिक कर्म-काण्ड नहीं है, बल्कि सम्पूर्ण विज्ञान है. यह स्वस्थ जीवन जीने की प्राकृतिक कला है. सच कहें तो योगविद्या में लोकतांत्रिक, सर्व कल्याणकारी  और समावेशी  विचार समाहित है.
छात्र-छात्राएं  जितनी नियमितता और निष्ठा से योगाभ्यास करेंगे, उन्हें उनता ही अधिक फायदा होगा. योगाभ्यास हमेशा खुले और स्वच्छ परिवेश में करें. योगाभ्यास से पूर्व आवश्यक दैनिक क्रियाकलाप से निवृत हो लें. खाली पेट और खुले मन से योगाभ्यास करना बेहतर रिजल्ट देता है. सारी योग क्रियाएं सामान्य गति से करें, किसी झटके से नहीं. हां, योग्य प्रशिक्षक के मार्ग दर्शन में योग करना सीखें तो बेहतर होगा. सूर्योदय के आसपास योग करने से बेहतर लाभ के भागी बनेंगे. अतः सुबह कम-से-कम 30 मिनट योगाभ्यास करें. इसमें 10-15 मिनट आसन, 10-15 मिनट प्राणायाम और अंत में 5-10 मिनट ध्यान यानी मेडीटेशन में लगाएं.


पहले थोड़ा फ्री हैण्ड एक्सरसाइज करके शरीर को सक्रिय और लचीला बना लें. अब 5 राउंड सूर्य नमस्कार कर लें. सूर्य नमस्कार अपने-आप में पूर्ण आसन है. विकल्प के रूप में भुजंगासन, नौकासन, ताड़ासन, त्रिकोणासन और  पाद हस्तासन में से तीन-चार आसन कर लें. इसके पश्चात दो मिनट शवासन में लेट कर रिलैक्स कर लें जिससे आपका श्वास सामान्य हो जाए. प्राणायाम का अभ्यास करने से पहले यह जरुरी है. प्राणायाम में अनुलोम-विलोम, भस्त्रिका, कपालभति, शीतली और भ्रामरी में से कोई दो या तीन का अभ्यास जरुर करें. समय की कमी हो तो अनुलोम-विलोम और भ्रामरी अवश्य करें. इसके बाद मेडीटेशन करें.
इसके लिए सुखासन, अर्द्ध पद्मासन या पद्मासन की मुद्रा में आराम से बैठें. आखं बंद कर लें और अपने मन को बस श्वास लेने और छोड़ने पर केन्द्रित करें. मन भटके तो परेशान न हों और कोशिश करके उसे अभीष्ट कार्य में लगाएं. नियमित अभ्यास से मन को केन्द्रित या एकाग्रचित्त करना आसान होता जाएगा.  


योगाभ्यास के प्रति जैसे-जैसे विद्यार्थियों की निष्ठा बढ़ती जाएगी, उनको  इसके अधिक-से-अधिक लाभ मिलते जायेंगे. हां, इस दौरान उनको अपने विचार, आहार और व्यवहार को भी उन्नत करते रहना पड़ेगा. सबका समेकित लाभ असीमित होगा, जिसका शुरू में सही अनुमान लगाना भी मुश्किल होगा. अंत में प्रसिद्ध योग गुरु बी. के. एस. आयंगर के अनमोल वचन : योग वह प्रकाश  है जो एक बार जला दिया जाए तो कभी कम नहीं होता. जितना अच्छा आपका अभ्यास होगा, उतनी ही उसकी लौ उज्जवल होगी.

 (hellomilansinha@gmail.com)    

   
                और भी बातें करेंगे, चलते-चलते । असीम शुभकामनाएं 
# लोकप्रिय साप्ताहिक "युगवार्ता" के 28.06.2020 अंक में प्रकाशित
#For Motivational Articles in English, pl. visit my site : www.milanksinha.com   

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