Saturday, June 20, 2020

अंदर से समृद्ध बनें

                     - मिलन  सिन्हा,  मोटिवेशनल स्पीकर, स्ट्रेस मैनेजमेंट कंसलटेंट ... ...
आपने भी अपने कुछ मित्रों को कहते सुना होगा कि स्टाइल में रहने का. ऐसे विद्यार्थी कपड़े से लेकर फूटवेयर तक ब्रांडेड और डिज़ाइनर कलेक्शन के शौक़ीन होते हैं. बेशक यह सब जुटाने और करने में अतिरिक्त रकम और वक्त खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन जिस प्रयोजन से वे ऐसा करने में लगे रहते हैं, उसका वैसा कोई पॉजिटिव लाभ उन्हें शायद ही मिल पाता है. उलटे इस  चक्कर में खुद को अंदर से समृद्ध करने में पीछे रह जाते हैं, क्यों कि वे मुख्यतः  सिर्फ बाहर देख रहे होते हैं, जब कि देखने का काम तो भीतर से शुरू होना चाहिए.  बहरहाल, देखने-दिखाने के मौजूदा दौर में सिर्फ स्टाइल में रहने के आदी  विद्यार्थी ही नहीं, बल्कि सभी विद्यार्थियों को हर समय यह याद रखने की जरुरत है कि अगर पहले खुद को अदंर से समृद्ध नहीं करेंगे तो चाहकर भी जीवन में बहुत कुछ हासिल नहीं कर पायेंगे. अब सवाल है कि अंदर से समृद्ध होने के लिए विद्यार्थियों को किन मूल बातों पर फोकस करना चाहिए.

रोज सुबह की शुरुआत आशा और विश्वास से करें. सोचें कि इस दुनिया में अगर कोई भी विद्यार्थी रोज कुछ भी अच्छा कर सकता है तो आप भी अपने तरीके से कुछ अच्छा करने का एक सार्थक प्रयास तो कर ही सकते हैं. महात्मा बुद्ध सहित कई महान लोगों ने अगल-अलग सन्दर्भ में कहा है कि हम जैसा सोचते हैं, धीरे-धीरे वैसा ही बनते जाते हैं. अच्छा सोचेंगे और अच्छा करेंगे तो नतीजे अच्छे आयेंगे. नार्मन विन्सेन्ट पील कहते हैं कि जब आपकी पूरी शक्तियां - शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक, समग्रता और एकाग्रता से किसी काम में लग जाती हैं तो उसके विरोध में कोई बाधा खड़ी नहीं रह सकती है. रोचक बात है कि सर्वोत्तम की उम्मीद करने और दिलो-दिमाग से उसे हासिल करने की कोशिश करने की प्रक्रिया में आप अपने मस्तिष्क में एक चुम्बकीय शक्ति उत्पन्न करते हैं जो आकर्षण के नियम के अनुसार सर्वश्रेष्ठ को आपकी ओर आकर्षित करती है. परन्तु अगर आप सबसे बुरे की आशा करते हैं तो आप अपने मस्तिष्क में विकर्षण की शक्ति को उत्पन्न करते हैं जो सर्वश्रेष्ठ को आपसे दूर कर देती है. लोग जीवन में इसलिए असफल नहीं होते कि उनमें योग्यता की कमी होती है. वे इसलिए असफल होते हैं कि वे दिल से सफलता की उम्मीद नहीं करते और फिर  पूरे दिल से वह काम नहीं करते. दरअसल जिंदगी उस आदमी को कभी असफल नहीं कर सकती, जो अपना सब कुछ उस कार्य के लिए झोंक देता है. सामान्यतः हर विद्यार्थी अच्छा करना चाहता है और अच्छा दिखना भी. लिहाजा यह बहुत जरुरी है कि सभी छात्र-छात्राएं हमेशा अपने सोच को पॉजिटिव बनाए रखें. ठान लें कि हताश और निराश नहीं होना है, किसी भी हालत में. 

 फाइटर की तरह पहले खुद की बुराइयों से लड़ना शुरू करें, एक-एक करके. पूरे संकल्प और योजना के साथ. खुद से वादा करे कि जो काम शुरू किया है उसे अंजाम तक पहुंचाएंगे. जाहिरा तौर पर इसके लिए हरेक विद्यार्थी का शारीरिक रूप से स्वस्थ एवं शक्तिशाली बने रहना आवश्यक है. जितने भी उनके सपने हैं, इच्छाएं और योजनाएं हैं, उनको साकार करने के लिए शरीर रूपी इंजन का बेस्ट कंडीशन में रहना हर दृष्टि से पहली शर्त है. इसके लिए व्यायाम, खानपान और आराम में परफेक्ट संतुलन बनाकर नियमित रूप से उसका अनुपालन करें. इसके असीमित फायदे हैं. हां, किसी भी काम में जल्दबाजी न करें. धीरे-धीरे आगे बढ़ते जाएं. सब कुछ बहुत आसान होगा, ऐसा भी मानकर न चलें. इससे किसी बाधा के सामने आने पर अनावश्यक तनाव से बचे रह पायेंगे. पॉजिटिव सोच अपना रंग दिखायेगा और आपको चुनौतियों के पार ले जाएगा. एक अहम बात और. जिन-जिन छोटी-बड़ी बुराइयों से खुद को मुक्त करें, कुछ भी हो जाए उन्हें फिर अपने जीवन में घुसने न दें. दुबारा घुसा तो निकालना ज्यादा मुश्किल होता है. इसके अनेकानेक उदाहरण हैं. ऐसे भी जो खराब है, उससे छुटकारा पाने के कुछ दिनों बाद फिर उसके चंगुल में फंसने का कोई मतलब नहीं.   

बुराइयों से मुक्त होते रहने के साथ-साथ अच्छी बातों को अपनी दिनचर्या में शामिल करते जाना  भी जरुरी है. एक-एक ईंट को करीने से जोड़ते जाने से जैसे बड़ी-से-बड़ी इमारत खड़ी की जा सकती है, कुछ उसी तरह आप भी अच्छी बातों को अपने व्यक्तित्व का अभिन्न हिस्सा बनाते चलें. आपमें दिनोंदिन सुधार होगा और निखार भी आएगा. इस क्रम में आप कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ते जायेंगे. इस दौरान आपको किसी से कुछ कहने की जरुरत नहीं. आपकी  सफलता ही आपके संकल्प, निष्ठा और परिश्रम की कहानी बयां करेगी. हां, इस पूरी यात्रा को एन्जॉय करना न भूलें. 
(hellomilansinha@gmail.com) 
      
                और भी बातें करेंगे, चलते-चलते । असीम शुभकामनाएं 

# लोकप्रिय साप्ताहिक "युगवार्ता" के 15.03.2020 अंक में प्रकाशित
#For Motivational Articles in English, pl. visit my site : www.milanksinha.com   

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